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Showing posts from August, 2024

हे प्रभु

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 वर्षा जब छाए धरती पर शीतल होता जग सारा ग्रीष्म कष्ट से तड़पती जीवन को मिल जाती है जलधारा, ऐसे ऋतु के बीच जन्मे थे तुम जगमोहन आकर तुम छोड़ गए एक उत्तम जीवन का वर्णन | जो भी सुने तुम्हारी वाणी उसके मन में सांति छाए जो भी समझे तुम्हारा जीवन, नाम तुम्हारें भजन करते जाए, इधर उधर से भटक-भटक कर तुम्हारें द्वार पर आयी हूँ अपने जीवन के सुख दुःख का एक छोटा बक्सा लायी हूँ | आपकी गीता कहती हैं कि कर्म ही एकमात्र हमारा है बाक़ी सबकुछ जीवन में भिन्न रंगों की मोह-माया है, हर आनंद का अनुभव आप ही का उपहार है हर निराशा की छाया कुछ अश्रु का सहारा है | है श्री कृष्ण मुझे समझाओ कैसे न हो मुझसे कोई भूल कैसे अपने प्रियजनों पर न पड़ने दूँ कोई धूल, जगत मंगल की अभिलाषा अपने हाथों से ही पूर्ण करूँ उचित समय पर आपके नाम से अपनी अंतिम निःश्वास भरू |

मनाही

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 आप भूल रहे हो, कि बात अब आप पर नहीं रही,  बात अभी हमारी है | हम आपको हाँ कर दे, तो हम हम नहीं रहेंगे,  अगर आपकी कोशिश है हमे बदलने की फ़िर भी आप नाकामयाब रहेंगे | अगर इतनी आसानी से बदल जाएं हम,  तो वो लम्हा कुछ भी नहीं था, जब आप हमे पसंद कर बैठे थे | जिद्द न करें क्योंकि हमारे लफ़्ज़ तो मौत के समान सच है,  एक बार की मनाही, बार बार की मनाही हो सकती है | बेवजह दर्द न झेलना पड़े आपको क्योंकि ज़ज्बात तो अनमोल है, आपके दर्द से किसीका कुछ मुक्कमल तो ज़रूर कहें , ' किसीके के वज़ूद के लिए हमने दर्द झेला है!' हमे यह उम्मीद रहेगी आपसे की आपकी आज के आंसू आपको कल हसाएगी,  एक दिन आप भी कहोगे 'जो हुआ ठीक हुआ' जहां आपको आपकी जिंदगी जीताएगी |

EXISTENCE

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 I don't remember when I knew I was a woman,  Different from my father, similar to my mother. But I remember running away from it,  The unwritten rules for a normal 'her'. Why is it that even if I find women so beautiful, But unable to accept myself as one? Suddenly stumbling upon a survivor's diary, So familiar yet so unknown seemed the contents. And then I realized how wrong I was! I am too a woman, with a fierce personality .  Met people similar to me who shared my thoughts, Found the depth of my existence and feelings . I am that part of people who have pain in their routine,  Who wear endurance as their armour everyday. With tears as potion to many emotions,  And the primary place for seeking solace. After stumbling here and there I realized, I just denied to be taken for granted. But I share the same body and soul,  As the humanity who keep changing through life. How can I leave our glory from the past?  Where wars were fought and nations go...