मनाही
आप भूल रहे हो, कि बात अब आप पर नहीं रही,
बात अभी हमारी है |
हम आपको हाँ कर दे, तो हम हम नहीं रहेंगे,
अगर आपकी कोशिश है हमे बदलने की फ़िर भी आप नाकामयाब रहेंगे |
अगर इतनी आसानी से बदल जाएं हम,
तो वो लम्हा कुछ भी नहीं था, जब आप हमे पसंद कर बैठे थे |
जिद्द न करें क्योंकि हमारे लफ़्ज़ तो मौत के समान सच है,
एक बार की मनाही, बार बार की मनाही हो सकती है |
बेवजह दर्द न झेलना पड़े आपको क्योंकि ज़ज्बात तो अनमोल है,
आपके दर्द से किसीका कुछ मुक्कमल तो ज़रूर कहें ,
' किसीके के वज़ूद के लिए हमने दर्द झेला है!'
हमे यह उम्मीद रहेगी आपसे की आपकी आज के आंसू आपको कल हसाएगी,
एक दिन आप भी कहोगे 'जो हुआ ठीक हुआ' जहां आपको आपकी जिंदगी जीताएगी |

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