दर्द
इतना भी दर्द होता है क्या? किसी के न मिलने से इतना भी कोई ढूँढता है क्या? तेरे बगल में चलने से लेकर तेरा हाथ थाम कर नाचने तक कि दूरी कितनी है, तुझे देखने से लेकर तुझे मेरी और खींचने की दूरी कितनी है? न जाने कितनी बार तेरी करीबी से दूर हो गए हैं हम, की तेरा हक़ीक़त में होना भी हमने सपना लगे!