जुदाई

 


पागल बन गए या बना दिए गए

ये वो रब ही जाने, 

टूट गए या तोड़ दिए गए

ये हमारा दिल ही जाने |

कैसे कहें किसीके बिना

जीना मुश्किल हो रहा है, 

कैसे कहें उसके बिना

ये समा भी रोज़ रो रहा है? 

इंतजार की घड़ीयाॅं पार कर

वो वक्त भी कभी आयेगा, 

जब हमे देखकर

वो चाॅंद भी मुस्कराएगा |

Comments

  1. This shayari is about the longing that breaks you and your world, sometimes giving you pain or giving you hope.
    ये शायरी उस चाहत के लिए है जो आपको और आपकी दुनिया को तोड़ कर रख देती है, कभी दर्द देती है तो कभी उम्मीद |

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